बिहार में जमीन से जुड़ा कोई भी काम हो — जमाबंदी देखनी हो, भू-नक्शा चाहिए हो, या दाखिल-खारिज की स्थिति देखनी हो — इसके लिए कई अलग-अलग सरकारी portals हैं, और ज़्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि कौन सा portal किस काम के लिए है। इसी confusion का फायदा कई fake websites उठाती हैं, जिससे लोग गलत जगह अपनी Aadhar या बैंक details तक डाल देते हैं। यह Complete Guide बिहार के सभी land portals एक जगह लाती है।
Mobile से भी पूरा काम हो सकता है — biharbhumi.bihar.gov.in और बाकी सभी portals mobile browser (Chrome) पर भी पूरी तरह काम करते हैं। कोई भी official app download करने की ज़रूरत नहीं है, जैसा आगे भी बताया गया है — इससे fraud apps download करने का risk भी खत्म हो जाता है।
💡 Quick Answer — सबसे ज़रूरी Portals
जमाबंदी/खाता-खेसरा: biharbhumi.bihar.gov.in ➜ “जमाबंदी पंजी देखें” भू-नक्शा: bhunaksha.bihar.gov.in ➜ खेसरा नंबर से search करें
दाखिल-खारिज स्थिति: biharbhumi.bihar.gov.in ➜ “दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें” शिकायत/Grievance: biharbhumiplus.bihar.gov.in Helpline: 📞 1800-345-6215 (Toll-Free)
Bihar Bhumi क्या है — एक नज़र में
Bihar Bhumi, राज्य के Revenue and Land Reforms Department द्वारा चलाया जाने वाला digital land records system है। इसका मुख्यालय Old Secretariat, Bailey Road, Patna में है। इस portal के ज़रिए बिहार के सभी 38 ज़िलों की ज़मीन का record — खाता, खेसरा, जमाबंदी, दाखिल-खारिज, भू-नक्शा — online उपलब्ध कराया गया है। यह initiative केंद्र सरकार के National Land Record Modernisation Programme (NLRMP) के तहत विकसित किया गया था, जिसका मकसद देशभर में land records को digitize और transparent बनाना है।
पहले यह सारा काम manual registers और अंचल कार्यालयों के ज़रिए होता था — जिसमें समय ज़्यादा लगता था, records गुम होने या गलत entry होने का risk रहता था, और कई बार बिचौलियों को “जल्दी काम करवाने” के नाम पर अलग से पैसे भी देने पड़ते थे। Digitization के बाद अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी ज़मीन का record verify कर सकता है, mutation apply कर सकता है, और ज़रूरत पड़ने पर certified copy के लिए apply कर सकता है। हर ज़िले में कई Anchal (Circle) होते हैं, और हर Anchal के अंतर्गत कई Mouza (गाँव) — यही तीन-स्तरीय structure (District → Anchal → Mouza) पूरे portal के navigation का आधार है।
2026 में इस system में कुछ अहम बदलाव हुए हैं — सबसे बड़ा बदलाव चल रहा भूमि सर्वेक्षण (Land Survey) है, जिसमें Jamabandi records को Aadhar से link करना अनिवार्य किया गया है, ताकि record असली मालिक के नाम पर ही verify हो सके। यह Survey आने वाले महीनों में पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा, इसलिए हर ज़मीन मालिक के लिए अपनी जमाबंदी update रखना और भी ज़रूरी हो गया है।
बिहार के सभी Land Portals — एक नज़र में
| Portal Name | काम (Service) | Official Link |
|---|---|---|
| Bihar Bhumi | जमाबंदी, खाता-खेसरा, दाखिल-खारिज | biharbhumi.bihar.gov.in |
| Bhu Naksha Bihar | जमीन का नक्शा | bhunaksha.bihar.gov.in |
| Bihar Bhumi Plus | शिकायत/Grievance | biharbhumiplus.bihar.gov.in |
| Bhu Abhilekh | पुराने Survey Records | bhuabhilekh.bihar.gov.in |
| Bhumi Jankari Portal | Property Registration Search, MVR, EC | bhumijankari.bihar.gov.in |
⚠️ ज़रूरी: “Apna Khata” नाम बिहार के लिए नहीं है — यह सिर्फ Rajasthan के portal का नाम है। बिहार में हमेशा biharbhumi.bihar.gov.in (.gov.in) ही सही जगह है। अगर कोई website “Apna Khata Bihar” के नाम से आपको services देने का दावा करती है, वह असली सरकारी portal नहीं है।
⚠️ सबसे कम लोगों को पता होने वाली बात: “Bihar Bhumi Jankari” सिर्फ एक आम search phrase नहीं है — यह एक अलग official portal (bhumijankari.bihar.gov.in) का नाम भी है, जो जमाबंदी/खाता-खेसरा वाले biharbhumi.bihar.gov.in से बिल्कुल अलग है। इस portal पर Property Registration Search, MVR (Circle Rate), और Barah Sala (Encumbrance Certificate) जैसी services मिलती हैं — जो ज़्यादातर sites explain ही नहीं करतीं, इसलिए इस्तेमाल करने वाले अक्सर confuse हो जाते हैं कि किस काम के लिए किस portal पर जाना है।
Simple rule: कहीं से शुरू करना हो तो biharbhumi.bihar.gov.in खोलें — ज़्यादातर रोज़मर्रा के काम वहीं से हो जाएंगे। बाकी portals सिर्फ specific ज़रूरतों (नक्शा, MVR, EC) के लिए हैं।
🗂️ Step-by-Step Detailed Guides
नीचे हर topic के लिए एक short overview दिया गया है, और पूरी step-by-step process के लिए dedicated guide का link भी।
📄 भूलेख व भूमि जानकारी
यह category सबसे basic और ज़रूरी जानकारी cover करती है — अपनी ज़मीन का record कैसे देखें, और उसका लगान कैसे भरें। ज़्यादातर लोग यहीं से अपना सफर शुरू करते हैं।
1. खाता-खेसरा / जमाबंदी ऑनलाइन कैसे देखें — यह सबसे ज़्यादा search होने वाला topic है। biharbhumi.bihar.gov.in पर जिला, अंचल, मौजा select करके नाम या खाता-खेसरा नंबर से जमाबंदी की नकल निकाली जा सकती है। पूरी गाइड →
2. जमीन का लगान रसीद ऑनलाइन कैसे काटें — हर साल का भू-लगान (land tax) भरना ज़रूरी है, वरना बाद में दाखिल-खारिज या registry में problem आ सकती है। पूरी गाइड →
🔄 दाखिल खारिज
मालिकाना हक transfer से जुड़ा यह सबसे ज़्यादा legal-weight रखने वाला process है — इससे जुड़े documents और timeline समझना ज़रूरी है।
3. दाखिल-खारिज (Mutation) कैसे करें — जब ज़मीन खरीदी, बेची, या विरासत में मिली हो, तब मालिकाना हक transfer करने के लिए दाखिल-खारिज apply करना ज़रूरी होता है। पूरी गाइड →
4. दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति कैसे देखें — Application submit करने के बाद उसका status track करना — pending, approved, या rejected — case number से चंद मिनटों में पता चल जाता है। पूरी गाइड →
✍️ जमाबंदी
Existing record में सुधार और update से जुड़ा section — छोटी सी spelling error हो या Survey के लिए Aadhar linking, दोनों यहीं cover होते हैं।
5. जमाबंदी में गलत नाम — कैसे सुधारें — पुराने records में spelling errors आम बात है। Parimarjan option से online correction application दी जा सकती है। पूरी गाइड →
6. जमाबंदी आधार लिंक कैसे करें — चल रहे Land Survey के लिए यह सबसे पहला और ज़रूरी step है। बिना Aadhar linking के survey application आगे नहीं बढ़ती। पूरी गाइड →
🗺️ भू नक्शा
ज़मीन का visual/spatial record — किसी plot की shape क्या है, boundary कहाँ से कहाँ तक है, यह सब यहीं मिलता है, जमाबंदी से बिल्कुल अलग एक portal पर।
7. भू-नक्शा — जमीन का नक्शा देखें — यह biharbhumi.bihar.gov.in से बिल्कुल अलग एक portal है, जहाँ से plot का visual map, boundary, और shape देखी जा सकती है। पूरी गाइड →
🛠️ परिमार्जन
Record correction का broader process — सिर्फ नाम नहीं, area और classification जैसी details भी यहीं ठीक करायी जाती हैं।
8. परिमार्जन ऑनलाइन कैसे अप्लाई करें — Jamabandi record में नाम के अलावा area, खाता-खेसरा number, या classification की गलती भी इसी Parimarjan process से ठीक करायी जाती है। पूरी गाइड →
🌾 भूमि सर्वे 2026
बिहार में अभी चल रहा सबसे बड़ा और time-sensitive process — सभी ज़मीन मालिकों के लिए इस category की जानकारी सबसे ज़्यादा urgent है।
9. भूमि सर्वेक्षण 2026 — Online Registration — Bihar में चल रहे नए Land Survey में register करना उन सबके लिए ज़रूरी है जिनके पास Bihar में ज़मीन है। Sequence सही रखना ज़रूरी है — पहले Aadhar linking, फिर Vanshavali submission। पूरी गाइड →
10. वंशावली कैसे बनाएं — Survey के लिए ज़रूरी family lineage document. Format, attestation process, और PDF download का पूरा तरीका। पूरी गाइड →
🕰️ पुराना रिकॉर्ड
दादा-परदादा के ज़माने की ज़मीन ढूँढना — यह category उनके लिए है जिनका record recent digitization में नहीं मिला।
11. पुराना जमीन रिकॉर्ड (1920, Register-II) कैसे निकालें — दादा-परदादा के ज़माने की ज़मीन का record ढूँढना अक्सर सबसे मुश्किल काम होता है, क्योंकि बहुत पुराने records अभी digitize नहीं हुए हैं। पूरी गाइड →
🚨 समस्या समाधान
Portal इस्तेमाल करते वक्त आने वाली common technical दिक्कतों का quick fix — ज़्यादातर cases में solution 5 minute से कम का होता है।
12. “Data Not Found” या Website ना खुले — Solution — यह सबसे ज़्यादा frustrate करने वाली problem है, और ज़्यादातर मामलों में इसका कारण गलत Mouza/Circle select होना ही होता है। पूरी गाइड →
13. लॉगिन/OTP समस्या — Solution — OTP न आना, invalid OTP, या login fail होना — इनके common fixes। पूरी गाइड →
📜 कानूनी दस्तावेज़ / Bhumi Jankari Portal
यह सबसे बड़ा gap-fill area है — bhumijankari.bihar.gov.in पर मिलने वाली services जो ज़्यादातर sites explain ही नहीं करतीं।
14. Circle Rate (MVR) ऑनलाइन कैसे देखें — Registry करवाने से पहले ज़मीन का सरकारी minimum rate जानना ज़रूरी है, क्योंकि Stamp Duty और Registration Fee इसी rate पर calculate होती है। पूरी गाइड →
15. Barah Sala (EC) कैसे निकालें — Loan या registry के लिए ज़रूरी document जो confirm करता है कि ज़मीन किसी legal dispute या mortgage में तो नहीं फंसी। पूरी गाइड →
16. पुरानी Property Registration Search (नाम से) — पुरानी registry records को party के नाम से search करने का तरीका, pre-computerization और post-computerization दोनों period cover करते हुए। पूरी गाइड →
❌ सबसे बड़ी गलती — गलत Portal पर Personal Details डालना
हर महीने हज़ारों लोग “apna khata bihar” या “bihar bhumi jankari” search करते हैं और किसी third-party site पर पहुँच जाते हैं जो असली सरकारी portal जैसी दिखती है — फिर वहाँ Aadhar नंबर, mobile नंबर, और कभी-कभी बैंक details तक डाल देते हैं। यह एक genuine risk है, क्योंकि Google search results में real .gov.in site के साथ-साथ कई ऐसी websites भी दिखती हैं जो सिर्फ जानकारी देने का दावा करती हैं, लेकिन असल में data collect करती हैं।
बचाव के 3 तरीके:
- हमेशा URL check करें — सिर्फ .gov.in डोमेन असली सरकारी website है, कोई भी अन्य extension (.com, .org, .in) government portal नहीं है
- कोई भी site Aadhar/bank details माँगे तो तुरंत बंद कर दें — असली सरकारी portal कभी unnecessary personal details नहीं माँगता
- biharbhumi.bihar.gov.in को bookmark कर लें, ताकि बार-बार search न करना पड़े और गलत site पर जाने का risk कम हो
एक सच्चा जैसा उदाहरण — गलत Portal की कीमत
मान लीजिए किसी को अपनी ज़मीन बेचनी है और खरीदार जमाबंदी की copy माँगता है। जल्दी में व्यक्ति Google पर “apna khata bihar” search करता है, ऊपर आई पहली website खोलता है, और वहाँ अपना Aadhar नंबर व मोबाइल नंबर डाल देता है — यह सोचकर कि यही सरकारी portal है। कुछ दिन बाद उसे पता चलता है कि वह website असली biharbhumi.bihar.gov.in नहीं थी।
ऐसे मामलों में सबसे पहला काम है — biharbhumiplus.bihar.gov.in पर शिकायत दर्ज करना, और ज़रूरत पड़ने पर नज़दीकी पुलिस स्टेशन में cyber fraud की रिपोर्ट भी करानी चाहिए। यही वजह है कि हर बार सीधे .gov.in URL type करना, bookmark का इस्तेमाल करना ज़्यादा सुरक्षित तरीका है।
📍 जिलेवार भूलेख — अपने जिले की जानकारी
बिहार के सभी 38 ज़िलों में revenue records अलग-अलग Anchal (Circle) और Mouza structure में organized हैं, इसलिए हर ज़िले की कुछ specific जानकारी अलग से उपयोगी होती है — जैसे local Circle offices, helpline numbers, और उस ज़िले से जुड़े common issues। नीचे कुछ बड़े ज़िलों के guides दिए गए हैं:
पटना — राज्य की राजधानी होने के कारण यहाँ आवेदन और record verification की संख्या सबसे ज़्यादा है, इसलिए peak hours में portal थोड़ा slow चल सकता है।
गया — धार्मिक पर्यटन की वजह से यहाँ ज़मीन के दाम और registry cases दोनों तेज़ी से बढ़े हैं, जिससे Circle Rate जानना खासतौर पर ज़रूरी हो गया है।
मुज़फ्फरपुर — उत्तर बिहार के प्रमुख ज़िलों में से एक, जहाँ बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों की ज़मीन के records verify करना कई बार अलग challenge होता है।
भागलपुर — गंगा किनारे बसे इलाकों में ज़मीन के records समय-समय पर diara (नदी की भूमि) से जुड़े special rules के तहत आते हैं।
दरभंगा — मिथिला क्षेत्र का प्रमुख ज़िला, जहाँ कई पुराने खतियान अभी भी digitize होने की प्रक्रिया में हैं, इसलिए Advanced Search का इस्तेमाल यहाँ ज़्यादा उपयोगी रहता है।
पूर्णिया — सीमांचल क्षेत्र में स्थित, यहाँ की ज़मीन के records में मौजा के नाम कई बार बदले हैं, इसलिए पुराना और नया दोनों नाम याद रखना search के लिए मददगार होता है।
पटना गया मुज़फ्फरपुर भागलपुर दरभंगा पूर्णिया बेगूसराय नालंदा
Documents को सुरक्षित कैसे रखें
Online records verify करना जितना आसान हो गया है, उतना ही ज़रूरी है इन्हें सही तरीके से सुरक्षित रखना — खासकर जब बार-बार इस्तेमाल करना हो।
PDF की एक digital copy बना लें। हर बार portal से download की गई जमाबंदी, EC, या MVR की PDF एक अलग folder में save रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत मिल जाए।
Physical print भी रखें। कुछ offices अभी भी physical copy मांगते हैं, इसलिए ज़रूरी documents का एक print-out भी अलग से रखना समझदारी है।
Cloud backup ज़रूर लें। Google Drive या किसी और cloud service पर भी एक copy रख दें, ताकि फोन/computer खराब होने पर भी document access किया जा सके।
Expiry date का ध्यान रखें। EC (Barah Sala) जैसे कुछ documents एक तय अवधि के लिए ही valid माने जाते हैं — इसलिए पुराने document पर भरोसा करने से पहले उसकी validity ज़रूर check करें।
कभी-कभी सिर्फ helpline call से बात नहीं बनती। ऐसे में सही क्रम में escalate करना ज़रूरी होता है, ताकि समय बर्बाद न हो।
पहला स्तर — Toll-Free Helpline (1800-345-6215)। यहाँ से ज़्यादातर common problems (login, OTP, data not found) का समाधान मिल जाता है।
दूसरा स्तर — Anchal/Circle Officer (CO)। अगर कोई application 30 दिन से ज़्यादा pending है, या field verification से जुड़ी कोई दिक्कत है, तो सीधे अपने Circle के CO से मिलना चाहिए।
तीसरा स्तर — DCLR (Deputy Collector Land Reforms)। अगर CO स्तर पर भी समाधान न मिले, तो DCLR office में शिकायत दर्ज की जा सकती है — यह ज़िला-स्तर का अगला अधिकारी होता है।
चौथा स्तर — Grievance Portal (biharbhumiplus.bihar.gov.in)। किसी भी स्तर पर लिखित शिकायत दर्ज करने के लिए यह portal इस्तेमाल किया जा सकता है, और यहाँ दर्ज शिकायत की स्थिति भी online track हो सकती है।
Fraud या fake website से जुड़ी शिकायत के लिए भी यही grievance portal सबसे पहला कदम होना चाहिए, उसके बाद ज़रूरत पड़ने पर नज़दीकी थाने में cyber fraud की complaint दर्ज करानी चाहिए।
चल रहा Land Survey सिर्फ एक formality नहीं है — यह दशकों पुराने records को नए सिरे से verify करने की कोशिश है, ताकि disputes और duplicate claims कम हों। इस Survey के तीन मुख्य हिस्से हैं।
पहला — Aadhar Linking। हर jamabandi को उसके असली मालिक के Aadhar से जोड़ा जा रहा है। इससे यह पक्का होता है कि record किसी fraudulent claim का शिकार नहीं है।
दूसरा — दस्तावेज़ जमा करना। ज़मीन मालिकों को Prapatra 2 और (अगर ज़मीन पुश्तैनी है तो) Vanshavali जमा करनी होती है। यह दोनों documents मिलकर verification team को यह समझने में मदद करते हैं कि ज़मीन का सही उत्तराधिकारी कौन है।
तीसरा — फील्ड वेरिफिकेशन। दस्तावेज़ जमा होने के बाद local अधिकारी ज़मीन का field-level verification करते हैं, जिसके बाद नया record जनरेट होता है।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे common गलती यही है कि लोग गलत sequence में काम करते हैं — पहले Survey form भर देते हैं और बाद में Aadhar link करते हैं, जिससे application “pending verification” में अटक जाती है। सही तरीका हमेशा यही है — पहले Aadhar linking, फिर बाकी documents।
अक्सर लोगों को समझ नहीं आता कि किसी खास काम के लिए कौन सा document या portal चाहिए। यह छोटी सी guide उलझन दूर करने में मदद करेगी।
ज़मीन बेचने से पहले — Jamabandi verify करें ताकि नाम-खाता सही हो, और अगर registry पुरानी है तो EC (Barah Sala) भी निकलवा लें ताकि खरीदार को दिखा सकें कि ज़मीन किसी विवाद में नहीं है।
ज़मीन खरीदने से पहले — विक्रेता की Jamabandi cross-verify करें, Circle Rate (MVR) पता करें ताकि Stamp Duty का अंदाज़ा लग सके, और EC ज़रूर check करें कि कोई पुराना loan या mortgage तो नहीं है।
Bank loan apply करते वक्त — ज़्यादातर banks Jamabandi की certified copy और EC दोनों माँगते हैं। कुछ मामलों में Circle Rate भी required होता है ताकि property की value assess हो सके।
Ghar ka naksha paas karwate waqt — कुछ Anchal offices Barah Sala/EC भी मांगते हैं, इसलिए naksha approval से पहले यह document तैयार रखना बेहतर रहता है।
घर बैठे ज़मीन inherit होने पर — सबसे पहले Vanshavali तैयार करें, फिर दाखिल-खारिज apply करें ताकि नया रिकॉर्ड सही वारिस के नाम बन सके।
सिर्फ एक बार record check करके भरोसा कर लेना — ज़मीन की जमाबंदी समय के साथ update हो सकती है, खासकर अगर पहले कोई दाखिल-खारिज या correction हुआ हो। बड़ा transaction करने से पहले record दोबारा verify करना ज़रूरी है, चाहे कुछ महीने पहले ही देखा हो।
Lagan (land tax) समय पर न भरना — बहुत से लोग सोचते हैं कि छोटी राशि है तो बाद में भर देंगे, लेकिन कई सालों का baaki जमा होने पर दाखिल-खारिज या registry के वक्त अचानक बड़ी रकम चुकानी पड़ जाती है।
Vanshavali में जल्दबाज़ी करना — Survey के दौरान बहुत से लोग परिवार के किसी सदस्य का नाम या relation गलत लिख देते हैं, जिससे verification में delay होता है। Vanshavali बनाते वक्त सभी नाम की spelling दो बार check कर लेनी चाहिए।
Application का reference number नोट न करना — बिना case number के status track करना मुश्किल हो जाता है, और helpline पर भी बिना number के सही जानकारी मिलने में समय लगता है।
यह Guide किनके लिए उपयोगी है
ज़मीन के मालिक — जिन्हें अपनी जमाबंदी verify करनी है, लगान भरना है, या Survey में register करना है।
खरीदार — जो कोई ज़मीन खरीदने से पहले उसका record, Circle Rate, और EC verify करना चाहते हैं ताकि fraud से बच सकें।
बैंक loan लेने वाले — जिन्हें loan process में Jamabandi, EC, या Circle Rate जैसे documents जमा करने होते हैं।
वकील और property consultants — जो clients के लिए records verify करते हैं और उन्हें सही process guide करते हैं।
बिहार से बाहर रहने वाले लोग — जिनकी पुश्तैनी ज़मीन बिहार में है, लेकिन वे खुद वहाँ नहीं रहते और सारा काम online ही करना चाहते हैं।
Portal इस्तेमाल करते वक्त 5 बातें ध्यान रखें
1. हमेशा .gov.in domain से शुरुआत करें — चाहे कितनी भी जल्दी हो, कभी भी किसी third-party site से अपना काम शुरू न करें।
2. एक बार में सारे documents तैयार रखें — Aadhar, पुरानी jamabandi copy, और ज़रूरी proof पहले से scan करके रखें, इससे application process में बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा।
3. Application का reference/case number save करें — यह number status track करने के लिए ज़रूरी होता है, और helpline पर भी इसी से पूछताछ होती है।
4. Peak hours avoid करें — सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक portal पर सबसे ज़्यादा traffic होता है, इसलिए सुबह जल्दी या रात में काम करना ज़्यादा smooth रहता है।
5. हर बड़ी decision से पहले record दोबारा verify करें — Registry, loan, या कोई भी बड़ा transaction करने से पहले जमाबंदी और EC दोनों एक बार ज़रूर check कर लें, चाहे पहले भी देखा हो।
शब्दों का मतलब — भूमि रिकॉर्ड की Glossary
बिहार के land records से जुड़े ज़्यादातर articles में एक जैसे शब्द बार-बार आते हैं, लेकिन बहुत कम जगह इन्हें साफ-साफ समझाया जाता है। यहाँ एक जगह सबका मतलब दिया है:
खाता (Khata): किसी एक मालिक (या संयुक्त मालिकों) के नाम पर दर्ज सभी ज़मीनों का एक साझा रजिस्टर नंबर।
खेसरा (Khesra): ज़मीन के किसी एक अलग प्लॉट/टुकड़े की पहचान का नंबर।
खतियान (Khatiyan): खाता और खेसरा दोनों को मिलाकर बना पूरा document — इसमें मालिक का नाम, पिता का नाम, मौजा, थाना नंबर, चौहद्दी सब दर्ज होता है।
जमाबंदी (Jamabandi): ज़मीन का current, active ownership record जो समय-समय पर update होता रहता है — Bihar में यही सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला term है।
दाखिल-खारिज (Dakhil Kharij): Mutation, यानी ज़मीन के मालिकाना हक का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम transfer होना।
परिमार्जन (Parimarjan): Jamabandi record में किसी भी गलती (नाम, area, classification) को online correct करने का process।
वंशावली (Vanshavali): परिवार का lineage/family tree document, जो ज़मीन पुश्तैनी होने पर Survey और अन्य processes के लिए ज़रूरी होता है।
भू-लगान (Bhu-Lagan): ज़मीन पर लगने वाला वार्षिक राजस्व कर (land tax), जिसकी रसीद हर साल कटवानी होती है।
अंचल (Anchal): Circle-level administrative unit जिसके अंतर्गत कई मौजा आते हैं — ज़्यादातर online forms में District के बाद यही select करना होता है।
मौजा (Mouza): गाँव या revenue village — सबसे छोटी administrative unit जहाँ ज़मीन के records maintain होते हैं।
ज़रूरी Documents — एक जगह Checklist
अलग-अलग services के लिए ज़रूरत पड़ने वाले documents अक्सर मिलते-जुलते होते हैं। यहाँ एक common checklist दी गई है, हालांकि हर service की exact requirement उसकी dedicated guide में मिलेगी:
☑ Aadhar Card ☑ पुरानी Jamabandi/Khata-Khesra की copy ☑ Registered Sale/Gift/Will Deed (अगर मालिकाना transfer से जुड़ा काम हो) ☑ Address proof ☑ Vanshavali (अगर ज़मीन पुश्तैनी हो और Survey से जुड़ा काम हो) ☑ Registered mobile number (OTP verification के लिए) ☑ Passport size photo (कुछ applications के लिए)
पहले और अब — Digitization से क्या बदला
पुराने समय में जमाबंदी की एक साधारण नकल निकालने के लिए भी अंचल कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। राजस्व कर्मचारी न मिलें, रजिस्टर गुम हो, या entry गलत हो — ऐसी दिक्कतें आम थीं। इससे न सिर्फ समय बर्बाद होता था, बल्कि बिचौलियों को “जल्दी काम करवाने” के नाम पर अलग से पैसे भी देने पड़ते थे।
Bihar Bhumi portal के आने के बाद यह पूरी प्रक्रिया transparent और traceable हो गई है — हर application का एक case number होता है, जिससे उसकी स्थिति कभी भी online track की जा सकती है। इससे records में errors की गुंजाइश भी कम हुई है, क्योंकि verification का ज़्यादातर हिस्सा अब digital है, manual नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Bihar Bhulekh क्या है?
बिहार सरकार का digital land records system। जमाबंदी, खाता-खेसरा, भू-नक्शा, दाखिल-खारिज — सब online मिलता है। Main portal: biharbhumi.bihar.gov.in
क्या Bihar Bhulekh और Apna Khata एक ही हैं?
नहीं। “Apna Khata” सिर्फ Rajasthan के portal का नाम है। बिहार के लिए हमेशा biharbhumi.bihar.gov.in ही सही है।
क्या इसका कोई official app है?
नहीं, बिहार सरकार का कोई official mobile app नहीं है। Mobile Chrome में biharbhumi.bihar.gov.in खोलना सबसे safe तरीका है।
Bhumi Jankari Portal और Bihar Bhumi में क्या फर्क है?
biharbhumi.bihar.gov.in पर जमाबंदी, खाता-खेसरा और दाखिल-खारिज मिलता है। bhumijankari.bihar.gov.in एक अलग portal है जहाँ Property Registration Search, Circle Rate (MVR), और Barah Sala (EC) जैसी services मिलती हैं।
ऑनलाइन निकाली जमाबंदी legally valid है?
Verification के लिए online copy valid है, लेकिन bank loan या registry के लिए certified copy ज़रूरी होगी, जो अंचल कार्यालय से मिलती है।
भूमि सर्वेक्षण 2026 में register करना ज़रूरी है क्या?
हाँ, जिनके पास Bihar में ज़मीन है उनके लिए survey registration ज़रूरी है — इससे digital record नए सिरे से verify और update होगा।
क्या पुराने (pre-computerization) records भी online मिल जाएंगे?
ज़्यादातर recent records online मिल जाते हैं। बहुत पुराने (1970s से पहले के) records अभी भी digitize नहीं हुए हैं — उनके लिए Anchal office जाना पड़ सकता है।
दाखिल-खारिज और परिमार्जन में क्या फर्क है?
दाखिल-खारिज मालिकाना हक transfer (नया मालिक) के लिए है, जबकि परिमार्जन existing record में सिर्फ गलती सुधारने के लिए है — दोनों अलग-अलग purpose के लिए हैं।
Portal पर सारी सेवाएं मुफ्त हैं क्या?
जमाबंदी देखना और verify करना मुफ्त है। कुछ applications (जैसे certified copy, दाखिल-खारिज) में मामूली government fee लगती है, जो portal पर ही दिखाई देती है।
किसी problem के लिए helpline कब contact करें?
अगर कोई application 30 दिन से ज़्यादा pending है, या technical error बार-बार आ रहा है, तो 1800-345-6215 पर helpline से contact करें या Anchal Officer (CO) से मिलें।
भू-नक्शा और जमाबंदी अलग-अलग क्यों हैं?
जमाबंदी ownership और revenue record है, जबकि भू-नक्शा सिर्फ visual/spatial map है — दोनों अलग-अलग database और portal से आते हैं, लेकिन एक-दूसरे को complement करते हैं। इसलिए दोनों को cross-verify करना ज़्यादा safe रहता है।
वंशावली सिर्फ Survey के लिए चाहिए, या और काम में भी?
वंशावली मुख्यतः Survey registration के लिए ज़रूरी है, लेकिन अगर ज़मीन पुरानी/पुश्तैनी है तो विरासत से जुड़े दाखिल-खारिज cases में भी यह document माँगा जा सकता है।
Register-II और current Jamabandi में क्या फर्क है?
Register-II पुरानी ownership history का record है (कई बार CS/RS-era से), जबकि current Jamabandi active और नियमित update होने वाला record है। दोनों का data ज़्यादातर same होता है, लेकिन format और source अलग होते हैं।
Circle Rate (MVR) हर साल बदलता है क्या?
हाँ, MVR/Circle Rate area, land type, और government revision के हिसाब से समय-समय पर update होता है। Registry से पहले हमेशा latest rate ही check करना चाहिए, पुरानी जानकारी पर भरोसा न करें।
क्या किसी दूसरे व्यक्ति की ज़मीन का record भी देखा जा सकता है?
हाँ, जमाबंदी एक public record है — सही district, anchal, mouza और खाता-खेसरा या नाम पता होने पर कोई भी इसे verify कर सकता है, जैसा property खरीदने से पहले buyers अक्सर करते हैं।
Application pending status ka matlab kya hota hai?
इसका मतलब है कि आपकी application अभी review या verification के किसी चरण में है। अगर यह status बहुत लंबे समय (30 दिन से ज़्यादा) तक नहीं बदलता, तो CO से संपर्क करना उचित रहेगा।
Bihar Bhumi Plus aur biharbhumi.bihar.gov.in mein kya fark hai?
biharbhumi.bihar.gov.in मुख्य सेवाओं (जमाबंदी, दाखिल-खारिज) के लिए है, जबकि Bihar Bhumi Plus सिर्फ शिकायत/grievance दर्ज करने और track करने के लिए एक अलग portal है।
DCLR kya hota hai aur kab contact karna chahiye?
DCLR यानी Deputy Collector Land Reforms, ज़िला स्तर का अधिकारी होता है। जब Circle Officer स्तर पर समस्या हल न हो, तब DCLR office में शिकायत ले जानी चाहिए।
क्या पुराने Register-II को भी Aadhar से link करना ज़रूरी है?
Aadhar linking मुख्यतः current active Jamabandi के लिए ज़रूरी है। बहुत पुराने Register-II records अलग से historical reference के तौर पर रहते हैं, इनके लिए अलग process हो सकता है — सही जानकारी के लिए Anchal office से पुष्टि करें।
क्या किसी और राज्य में रहते हुए Bihar की ज़मीन का record online देखा जा सकता है?
हाँ, बिल्कुल। biharbhumi.bihar.gov.in और bhumijankari.bihar.gov.in दोनों देश में कहीं से भी access किए जा सकते हैं — इसके लिए बिहार में मौजूद होना ज़रूरी नहीं है।
किन मामलों में अभी भी Offline जाना पड़ता है
Digitization के बावजूद कुछ situations ऐसी हैं जहाँ Anchal या Circle office जाना अभी भी ज़रूरी होता है।
बहुत पुराने records — जो अभी digitize नहीं हुए, खासकर 1970s से पहले के, उनके लिए physical register check करना पड़ता है।
Complex boundary disputes — जहाँ पड़ोसी ज़मीन से जुड़ा विवाद हो, वहाँ field-level measurement और verification ज़रूरी होता है, जो online नहीं हो सकता।
Court-related matters — अगर कोई ज़मीन legal dispute में है और court order के आधार पर record update करना हो, तो यह process सीधे Anchal office के through ही होता है।
Certified copies की तुरंत ज़रूरत — कुछ urgent मामलों में online application का wait करने के बजाय सीधे office जाकर same-day certified copy लेना ज़्यादा practical हो सकता है।
इन मामलों को छोड़कर, बाकी लगभग सभी रोज़मर्रा के काम अब पूरी तरह online हो जाते हैं।
चूंकि इस domain में fake websites की भरमार है, यह सवाल बार-बार उठता है कि असली portal पर भरोसा कैसे करें। कुछ साफ संकेत हैं जो हमेशा check किए जा सकते हैं।
Domain हमेशा .gov.in होगा। कोई भी असली सरकारी land record portal .com, .org, .in, या किसी और extension पर नहीं होगा — यह single सबसे भरोसेमंद signal है।
कभी advance payment नहीं मांगेगा। Jamabandi verify करने के लिए, या किसी application का status check करने के लिए कोई upfront payment नहीं मांगी जाती — सिर्फ कुछ specific applications (जैसे certified copy) में nominal government fee लगती है, और वह भी portal के अंदर ही transparent तरीके से दिखती है।
Department का नाम और पता सार्वजनिक है। Revenue and Land Reforms Department, Government of Bihar, Old Secretariat, Bailey Road, Patna — यह जानकारी कहीं भी verify की जा सकती है, और असली portal इसी department से operate होता है।
अगर किसी website पर यह तीनों बातें match नहीं होतीं, तो वह website independent/private guide हो सकती है (जो जानकारी के लिए ठीक है), या fraud site भी हो सकती है — इसलिए हमेशा personal details डालने से पहले सतर्क रहना ज़रूरी है।
Bihar Bhumi का digitization अभी भी एक चल रही प्रक्रिया है, सिर्फ एक बार का काम नहीं। Land Survey पूरा होने के बाद कई और बदलाव संभावित हैं — पुराने records का बड़े पैमाने पर digitization, अलग-अलग portals (biharbhumi, bhunaksha, bhumijankari) के बीच बेहतर integration, और शायद एक centralized mobile-friendly interface भी। जब तक यह पूरी तरह पूरा नहीं होता, तब तक इस guide में दी गई जानकारी और helpline ही सबसे भरोसेमंद रास्ता रहेंगे।
फिलहाल सबसे practical approach यही है कि आप अपनी jamabandi और ज़रूरी documents को up-to-date रखें, Survey में समय पर register करें, और किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए समय-समय पर biharbhumi.bihar.gov.in ज़रूर check करते रहें — खासकर तब जब कोई बड़ा transaction (registry, loan, mutation) करने वाले हों।
निष्कर्ष — अब आगे क्या करें
इस guide में बिहार के land records से जुड़े लगभग सभी ज़रूरी topics cover किए गए हैं — daily-use services (जमाबंदी, लगान, नक्शा) से लेकर rare लेकिन ज़रूरी cases (पुराना record, MVR, EC) तक। सबसे practical तरीका यह है कि पहले ऊपर दी गई Quick Answer और Services Summary table देखें, अपने काम से matching category ढूँढें, और फिर उस specific guide पर जाएँ जहाँ पूरी step-by-step process detail में दी गई है।
अगर आपका काम किसी भी listed category में fit नहीं हो रहा, तो helpline 1800-345-6215 पर सीधे संपर्क करना सबसे तेज़ तरीका रहेगा। और अगर किसी website की authenticity को लेकर doubt हो, तो हमेशा .gov.in domain ही final check मानें — बाकी कोई भी signal उतना भरोसेमंद नहीं है।