दाखिल-खारिज बिहार 2026 — Online Mutation biharbhumi.bihar.gov.in पर कैसे करें

गया के सुरेश जी ने अपने पिता से विरासत में मिली ज़मीन का दाखिल-खारिज नहीं करवाया, यह सोचकर कि जमाबंदी में पिता का नाम रहने से कोई फर्क नहीं पड़ता। तीन साल बाद जब उन्होंने वह ज़मीन बेचने की कोशिश की, तो पता चला कि बिना उनके नाम record update हुए registry हो ही नहीं सकती। तब जाकर पूरी प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी — जो शुरू में सिर्फ एक application का काम था, अब कई महीनों की भागदौड़ बन गई।

यह गलती बहुत आम है — दाखिल-खारिज को लोग टालने लायक काम समझते हैं, जबकि यह मालिकाना हक साबित करने का सबसे ज़रूरी legal step है। यह guide पूरी प्रक्रिया 10 मिनट में समझा देगी।

💡 Quick Answer आवेदन: biharbhumi.bihar.gov.in ➜ “दाखिल-खारिज ऑनलाइन आवेदन करें” Status Check: parimarjan.bihar.gov.in ➜ Application Number डालें समय: 20-30 दिन (या इससे ज़्यादा, verification पर निर्भर) खर्च: मामूली government fee हेल्पलाइन: 1800-345-6215

Apply Karne Ka Portal Aur Status Check Karne Ka Portal — Alag Hain

काम Portal Link
नया आवेदन Bihar Bhumi biharbhumi.bihar.gov.in
Status Check Parimarjan Plus parimarjan.bihar.gov.in
जमाबंदी verify करना Bihar Bhumi biharbhumi.bihar.gov.in

Simple Test: नया आवेदन देना है तो biharbhumi.bihar.gov.in खोलें। पहले से submit किए हुए आवेदन का status देखना है तो parimarjan.bihar.gov.in पर application number डालें — यह number आवेदन जमा करते वक्त मिलता है, format कुछ ऐसा होता है: TEMP/2381/2025-2026

2026 में यह क्यों ज़रूरी है: सरकार ने हाल ही में आदेश दिया है कि 120 दिन से ज़्यादा pending दाखिल-खारिज cases को अगले 15 दिनों के भीतर निपटाया जाए। मतलब पुराने अटके हुए cases पर अब तेज़ी से action हो रहा है — इसलिए status नियमित check करना पहले से ज़्यादा फायदेमंद है।

दाखिल-खारिज क्या है

संचालन विभाग: Revenue and Land Reforms Department, Government of Bihar

दाखिल-खारिज (Mutation) वह कानूनी प्रक्रिया है जिससे ज़मीन के मालिकाना हक का बदलाव सरकारी records में official तौर पर दर्ज होता है — यानी पुराने मालिक की जगह नए मालिक का नाम जमाबंदी में चढ़ता है।

पहले की स्थिति: दाखिल-खारिज के लिए बार-बार अंचल या राजस्व कार्यालय जाना पड़ता था, फाइलें manually verify होती थीं, और महीनों तक कोई अपडेट नहीं मिलता था।

2026 के 3 बदलाव:

  1. 120 दिन से पुराने pending cases को 15 दिनों में निपटाने का सख्त आदेश
  2. Status check अब real-time है, parimarjan.bihar.gov.in से कभी भी देखा जा सकता है
  3. Rejection होने पर reason और objection remark अब स्पष्ट रूप से portal पर दिखता है

दाखिल-खारिज कब ज़रूरी है

पाँच मुख्य कारण

बिक्री या खरीद (Sale) — ज़मीन खरीदने या बेचने पर तुरंत नए मालिक के नाम record update कराना ज़रूरी है।

विरासत (Inheritance) — माता-पिता या पूर्वजों से मिली ज़मीन पर वारिस का नाम चढ़ाना।

दान (Gift Deed) — किसी को ज़मीन उपहार में देने पर legal ownership transfer।

बँटवारा (Partition) — परिवार में ज़मीन का बँटवारा होने पर हर हिस्सेदार के नाम अलग-अलग record बनना।

कोर्ट का आदेश (Court Order/Settlement) — किसी legal dispute के फैसले के आधार पर ownership update होना।

Pro tip: आवेदन देने से पहले जमाबंदी में दर्ज रकबा (area) ज़रूर जाँच लें — वह उतना ही होना चाहिए जितनी असल ज़मीन है। थोड़ा सा भी mismatch होने पर application में objection आ सकता है।

दाखिल-खारिज ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — Step by Step

Step 1: biharbhumi.bihar.gov.in खोलें और register/login करें (नए user हैं तो पहले registration करें)

Step 2: होमपेज पर “दाखिल-खारिज ऑनलाइन आवेदन करें” पर क्लिक करें

Step 3: अपना District और Anchal select करें, फिर “नया दाखिल-खारिज आवेदन करें” बटन दबाएँ

Step 4: ज़रूरी जानकारी भरें — registered deed number, deed date, खाता-खेसरा नंबर, और transfer का type (Sale/Inheritance/Gift/Partition/Court Order)

Step 5: Documents upload करें और submit करें — एक application number (जैसे TEMP/2381/2025-2026) मिलेगा, इसे संभालकर रखें

अगर काम न बने तो?

“Documents upload नहीं हो रहे” — File size और format (आमतौर पर PDF, 2MB से कम) check करें

“Deed number match नहीं हो रहा” — Registry office से मिली deed copy पर लिखा number ध्यान से दोबारा verify करें

“Application submit ही नहीं हो रहा” — सभी mandatory fields भरे हैं या नहीं check करें, खासकर खाता-खेसरा नंबर

That’s it. पूरा आवेदन process 15-20 मिनट में पूरा हो जाता है, हालांकि approval में समय लगता है।

सबसे बड़ा Trap — Application Submit करके भूल जाना

हर साल हज़ारों cases सिर्फ इसलिए महीनों अटके रहते हैं क्योंकि applicant को objection का पता ही नहीं चलता। पोर्टल पर remark आता है, लेकिन SMS या email notification हमेशा तुरंत नहीं मिलती।

क्यों होता है: Verification के दौरान अगर कोई document अधूरा लगे या कोई detail clarify करनी हो, तो officer एक objection remark डाल देते हैं — लेकिन अगर applicant खुद जाकर status check नहीं करता, तो case हफ्तों तक वहीं अटका रहता है, अंततः बहुत देर होने पर reject भी हो सकता है।

कैसे बचें:

  1. Application के बाद हर 7-10 दिन में parimarjan.bihar.gov.in पर status ज़रूर check करें
  2. Objection remark दिखे तो जल्द से जल्द माँगे गए documents या clarification submit करें
  3. 30 दिन से ज़्यादा कोई update न मिले तो सीधे Circle Officer (CO) से मिलें

2026 का reform जो मदद करता है: नए आदेश के तहत अब 120 दिन से पुराने pending cases को प्राथमिकता से 15 दिनों में निपटाया जा रहा है — मतलब अगर आपका case लंबे समय से अटका है, तो अभी follow-up करना पहले से ज़्यादा असरदार होगा।

दाखिल-खारिज कैसे बाकी Process से Connect है

Registry (Deed) → दाखिल-खारिज Application → Jamabandi Update → नया मालिक Confirmed

सही क्रम: पहले registry (sale/gift/will deed) पूरी होनी चाहिए, फिर उसी deed number से दाखिल-खारिज apply करें, approval के बाद जमाबंदी अपने आप नए मालिक के नाम अपडेट हो जाती है।

गलत क्रम से क्या होता है: अगर registry के बिना, या deed number confirm किए बिना application दे दी जाए, तो verification में यह turant reject हो जाता है।

Timing: Registry के बाद जितनी जल्दी दाखिल-खारिज apply करें, उतना अच्छा — देर करने पर अगर बीच में और transactions हो जाएँ तो records उलझ सकते हैं।

Bihar Bhumi पर Mutation से जुड़ी अन्य सेवाएं

सेवा क्या करता है समय खर्च
नया आवेदन Ownership transfer register करना 15-20 मिनट मामूली फीस
Status Check Application track करना 2 मिनट मुफ्त
Objection Response माँगे गए documents जमा करना Case के अनुसार मुफ्त
Jamabandi Verify Approval के बाद नाम confirm करना 5 मिनट मुफ्त
LPC Apply Land Possession Certificate 15-20 दिन मामूली फीस

Common Problems और उनके Fix

“Application Rejected हो गया” → Cause: Documents अधूरे, deed number mismatch, या rakba mismatch → Fix: Rejection reason portal पर पढ़ें, document theek करके दोबारा apply करें

“Status बहुत दिनों से Pending दिखा रहा है” → Cause: Field verification में देरी या objection पर response न मिलना → Fix: parimarjan.bihar.gov.in पर remark check करें, ज़रूरत पड़ने पर CO से मिलें

“Application number खो गया” → Cause: Confirmation screenshot नहीं लिया गया → Fix: Registered mobile number से जुड़े SMS/email history check करें, या CO office से confirm करें

“Deed number नहीं मिल रहा” → Cause: Registry office से मिली receipt अलग जगह रखी हो सकती है → Fix: Sub-Registrar office से duplicate deed copy निकलवाएँ

“दो बार आवेदन submit हो गया” → Cause: पहली बार confirmation न दिखने पर दोबारा try करना → Fix: दोनों application numbers के साथ helpline पर contact करें, duplicate cancel करवाएँ

“Objection remark समझ नहीं आया” → Cause: Remark में technical/legal भाषा इस्तेमाल होती है → Fix: CO office जाकर remark का सीधा मतलब पूछें

“Documents upload नहीं हो रहे” → Cause: File size या format गलत → Fix: PDF format में, 2MB से कम size में upload करें

“Court order केस में status अलग तरीके से चल रहा है” → Cause: Court-related mutation में अतिरिक्त legal verification होती है → Fix: संबंधित court order की certified copy साथ रखें, और CO से प्रक्रिया confirm करें

Apply करने से पहले Checklist

☑ Registered Sale/Gift/Will Deed की copy और उसका exact number ☑ पुरानी Jamabandi/Khata-Khesra की copy ☑ रकबा (area) जमाबंदी और असल ज़मीन दोनों में match करता है, यह verify करें ☑ Aadhar Card और address proof ☑ अगर विरासत का case है तो Vanshavali भी तैयार रखें ☑ Court order का case है तो certified copy साथ रखें ☑ Registered mobile number active है, यह confirm करें ☑ Application number मिलते ही उसका screenshot ले लें

FAQs

दाखिल-खारिज और परिमार्जन में क्या फर्क है?

दाखिल-खारिज मालिकाना हक बदलने (नया मालिक) के लिए है, परिमार्जन सिर्फ existing record में गलती सुधारने के लिए है।

दाखिल-खारिज में कितना पैसा लगता है?

एक मामूली government fee लगती है, जो आवेदन के दौरान portal पर ही दिखाई देती है।

क्या downloaded status document legally valid है?

Status सिर्फ जानकारी के लिए है। Approval के बाद अपडेट हुई जमाबंदी की certified copy ही legal उद्देश्यों के लिए मान्य होती है।

Application number खो जाए तो क्या करें?

Registered mobile number से जुड़ी SMS history check करें, या Circle Officer से संपर्क करके confirm कराएँ।

क्या मोबाइल से आवेदन दे सकते हैं?

हाँ, biharbhumi.bihar.gov.in मोबाइल browser पर भी काम करता है, लेकिन documents upload करते वक्त अच्छा internet connection ज़रूरी है।

दाखिल-खारिज क्या है?

दाखिल-खारिज ज़मीन के मालिकाना हक को सरकारी records में transfer करने की प्रक्रिया है, जिसे biharbhumi.bihar.gov.in से ऑनलाइन apply किया जाता है।

Contact और Escalation

  • Toll-Free Helpline: 1800-345-6215
  • आवेदन Portal: biharbhumi.bihar.gov.in
  • Status Check Portal: parimarjan.bihar.gov.in
  • Escalation: 30 दिन से ज़्यादा pending होने पर Circle Officer (CO) से मिलें
  • Office Hours: सोमवार-शुक्रवार, 10:00 AM – 5:00 PM

Official Links

Purpose Link
नया आवेदन biharbhumi.bihar.gov.in
Status Check parimarjan.bihar.gov.in
Grievance biharbhumiplus.bihar.gov.in
Helpline 1800-345-6215

Final बात

दाखिल-खारिज कोई ऐसा काम नहीं जिसे टाला जाए — जब तक record में आपका नाम अपडेट नहीं होता, तब तक कानूनी तौर पर आप उस ज़मीन के पूर्ण मालिक नहीं माने जाते। अगर आज सिर्फ एक काम करना है, तो अपनी हाल की कोई registry check करें कि उसका दाखिल-खारिज हुआ है या नहीं — अगर नहीं हुआ, तो आज ही apply कर दें।

अपनी ज़मीन का मालिकाना हक सुरक्षित करें — biharbhumi.bihar.gov.in

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